चीफ सेक्रेटरी ने एनर्जी टास्क फोर्स की बैठक की


- 1221.45 करोड़ ₹ की लागत से उपकेन्द्रों व लाइनों के निर्माण कार्य के अनुमोदन प्राप्त करने के निर्देश दिये  


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में प्रदेश में स्थापित पारेषण तंत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु एनर्जी टास्क फोर्स की बैठक आहूत की गई।


बैठक में मुख्य सचिव ने 297.29 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 400/220/132 केवी जीआईएस उपकेन्द्र मोहनलालगंज, लखनऊ एवं तत्सम्बन्धी 400 केवी लाइनों के निर्माण, 601.37 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 765 केवी घाटमपुर-हापुड़ (डब्ल्यूयूपीपीटीसीएल) लाइन का 765 केवी उपकेन्द्र रामपुर पर लीलो (2 एकल पथ क्वाड बर्सिमिस) एवं 400 केवी बरेली (पीजी)-मुरादाबाद डीसी लाइन के एक सर्किट का 765 केवी उपकेन्द्र रामपुर पर लीलो के निर्माण तथा 76.57 करोड़ ₹ की अनुमानित लागत से 400 केवी अटौर (डब्ल्यूयूपीपीटीसीएल) -इन्दिरापुरम (डब्ल्यूयूपीपीटीसीएल) डीसी, क्वाड मूज लाइन के एक सर्किट का मोनोपोल (क्वाड मूज) पर 400 केवी जीआईएस उपकेन्द्र सेक्टर-123, नोएडा पर लीलो के निर्माण अर्थात कुल 975.23 करोड़ ₹ के निर्माण सम्बन्धी प्रस्ताव पर अपनी संस्तुति प्रदान करते हुये सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं।


उक्त सभी निर्माण कार्य भारत सरकार की गाइडलाइन्स के अनुसार पीपीपी मोड पर टैरिफ बेस्ड काॅम्प्टेटिव बिडिंग (टीबीसीबी) पद्धति पर कराये जायेंगे। उपकेन्द्रों एवं लाइनों के निर्माण से इन क्षेत्रों में विद्युत भार के कारण उपकेन्द्रों एवं लाइनों की अतिभारता दूर होगी। 
इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा मोहनलालगंज, लखनऊ उपकेन्द्र की डाउस्ट्रीम 220 केवी, 132 केवी की लाइनें, जिनकी लागत 54.97 करोड़ ₹ तथा 73.32 करोड़ ₹ की अनुमानित लागत से 133/33 केवी, 2गुणा40 एमवीए उपकेन्द्र पडरौना (कुशीनगर) एवं तत्सम्बन्धी लाइनों के निर्माण कार्य तथा 117.93 करोड़ ₹ की लागत से 220/132/33 केवी, 2गुणा160, 2गुणा40 एमवीए आनन्दनगर (महाराजगंज) उपकेन्द्र एवं तत्सम्बन्धी लाइनों के निर्माण अर्थात कुल 246.22 करोड़ ₹ के निर्माण कार्य सम्बन्धी प्रस्ताव पर अपनी संस्तुति प्रदान की गई है। यह निर्माण कार्य ईपीसी मोड पर कराये जायेंगे।


बैठक में उप्र राज्य विद्युत उत्पादन एवं पारेषण निगम के प्रबंध निदेशक डाॅ. सैंथिल पाण्डियन सी. ने बताया कि 400/220/132 केवी जीआईएस उपकेन्द्र मोहनलालगंज, लखनऊ एवं तत्सम्बन्धी 400 केवी लाइनों के निर्माण से वर्तमान में लखनऊ जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते विद्युत भार के कारण उपकेन्द्रों, लाइनों की अतिभारित दूर होगी और पारेषण तंत्र और अधिक सुदृढ़ होगा।


इसी प्रकार 132/33 केवी उपकेन्द्र पडरौना के निर्माण से तहसील पडरौना, जनपद कुशीनगर एवं आसपास के क्षेत्रों की आपूर्ति हेतु 132/33 केवी उपकेन्द्र, कसयां एवं 132 केवी उपकेन्द्र राजापाकड़ पर विद्युत भारिता कम होगी तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। महाराजगंज में 220/132/33 केवी, 2गुणा160, 2गुणा40 एमवीए आनन्दनगर उपकेन्द्र एवं तत्सम्बन्धी लाइनों के निर्माण से 220 केवी उपकेन्द्र बरहुआ एवं 220 केवी उपकेन्द्र मोतीराम अड्ड़ा पर पड़ने वाले विद्युत भार में कमी आयेगी तथा भविष्य में भी पड़ने वाले विद्युत भार की आपूर्ति करने में सहायक होंगे। इस उपकेन्द्र के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि का क्रय किया जा चुका है।


बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चैहान, अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश, अपर मुख्य सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण सुधीर गर्ग, सचिव सिंचाई अनिल गर्ग, सचिव ऊर्जा एम. देवराज सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थित थे।


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