प्राविधिक शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों की मदद के लिए प्रदेश सरकार शुरू करेगी हेल्प लाइन


 



12 राजकीय संस्थान अपनी आगामी जरुरतों के प्रस्ताव एकेटीयू को प्रेषित करें


-श्रीमती कमल रानी


 


21 मई,लखनऊ।प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्रीमती कमल रानी ने आज एकेटीयू एचबीटीयू, एमएमएमटीयू और 12 राजकीय एवं अनुदानित संस्थानों के प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ की।


इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान एकेटीयू द्वारा ऑनलाइन टीचिंग, लर्निंग एवं शोध का कार्य सफलता पूर्वक किया गया है। इसके लिए विवि प्रशासन एवं शिक्षक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि पोस्ट कोविड शिक्षण व्यवस्था के लिए व्यापक कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है।


प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर सम्भव मदद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी 12 राजकीय संस्थान अपनी आगामी जरुरतो के प्रस्ताव को एकेटीयू को प्रेषित करें। एकेटीयू इन प्रस्तावों पर जो संस्तुति करके शासन को प्रेषित करेगा। उन संस्तुतियों पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्राविधिक शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों की मदद के लिए प्रदेश सरकार हेल्प लाइन भी शुरू करेगी।


बैठक के दौरान प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा श्रीमती राधा एस चैहान ने कहा वर्तमान स्थितियों के मद्दे नजर हमें अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में वृद्धि करनी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टीचिंग के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी कार्य करना होगा।


बैठक में एचबीटीयू के कुलपति प्रो एन बी सिंह एवं 12 राजकीय संस्थानों के निदेशकों ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी के चलते जब भी संस्थान खुलेंगे तब उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि संस्थानों के पास विद्यार्थियों के ठहरने की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि साथ ही जुलाई से जब संस्थान खुलेंगे तो परिसरों के सेनेटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग आदि हेतु अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। 


बैठक में एकेटीयू के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक, एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो एसएन सिंह, एचबीटीयू के कुलपति प्रो एनबी सिंह, 12 राजकीय एवं अनुदानित संस्थानों के निदेशक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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