नवलेखा के प्रकाशक परेशान, डीनेव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चार दर्जन कर्मचारियों के बाहर होने की सूचना

नवलेखा के प्रकाशक परेशान, डीनेव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चार दर्जन कर्मचारियों के बाहर होने की सूचना
- कर्मचारियों का आरोप, बगैर पूर्व सूचना के कम्पनी ने कार्य करने से मना किया
- प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री छोटी-बड़ी कम्पनियों व कार्पोरेट घरानों से नौकरी न खत्म करने की कर चुके हैं अपील
 
लखनऊ। वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी (कोविड-19) की आपदा को देखते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छोटी-बड़ी कम्पनियों और कार्पोरेट घरानों से कर्मचारियों की छँटनी न करने तथा उनके कार्य समाप्त न करने की अपील करते हुये वेतन देने की अपील की थी। उनकी इस अपील को अनदेखा करते हुये एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी ने लॉकडाउन के बीच ही अपने लगभग 04 दर्जन कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाते हुये हाथ जोड़ लिया है।


सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश राज्य के नोएडा में स्थापित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी डीनेव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपने पैन इंडिया के लगभग 46 कर्मचारियों को मना कर दिया गया है। यह सभी कर्मचारी विश्व विख्यात गूगल नवलेखा प्रकाशक परियोजना के लिए काम कर रहे हैं। इस कम्पनी में कार्यरत कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कम्पनी ने बगैर कोई पूर्व सूचना दिये ही उन्हें बाहर कर दिया। ऐसे में नवलेखा परियोजना से जुड़े प्रकाशकों के सामने बहुत बड़ी़ समस्या आ गई है। प्रकाशक कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, परन्तु नवलेखा से जुड़े कर्मचारी उनके प्रश्नों को हल करने से बच रहे तथा लॉकडाउन को लेकर विभिन्न तरह के बहाने बना रहे हैं।


कयी बार फोन करने पर नवलेखा के एक कर्मचारी से सम्पर्क हुआ तो नवलेखा की वेबसाइट डॉटपेज की किसी भी तरह की जानकारी उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया। कर्मचारी ने कहा कि अब सभी प्रकाशक गूगल वेबसाइट से सम्पर्क करें, क्योंकि अचानक हमारी सेवायें समाप्त कर दी गयी हैं, लेकिन उस कर्मचारी ने अपना नाम न प्रकाशित करने का भी अनुरोध किया।
ज्ञात हो कि लगभग वर्ष भर पहले नवलेखा ने विश्व विख्यात गूगल के जरिये पूरे देश में एक परियोजना के तहत ऐसे प्रकाशकों की डॉटपेज नाम से 03 साल के लिये नि:शुल्क वेबसाइट बनाई थी। प्रकाशकों से इसके लिये कयी पेज का एग्रीमेंट सरीखे एम.ओ.यू. भी कराया गया था। उस समय इन प्रकाशकों को यही बताया गया था कि नवलेखा के जरिये कम प्रचारित-प्रसारित, छोटे, मँझोले तथा आर्थिक रूप से कमजोर प्रकाशकों को मजबूत किया जायेगा। इस योजना के तहत नवलेखा की ओर से 2-3 बार होटलों में सेमिनार और कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। परन्तु इस लॉकडाउन में इन प्रकाशकों ने वृहद रूप से कार्य करना शुरू किया तो अपने निकाले जाने की सूचना देते हुये कर्मचारियों ने सहयोग करने से साफ मना कर दिया। अब, इन प्रकाशकों के सामने अपनी डॉटपेज वेबसाइट संचालित करने में हो रही परेशानियों से उबारने वाला दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है।


मिली जानकारी के अनुसार नवलेखा के साथ डॉटपेज से देश भर में लगभग 8000 प्रकाशक जुड़े हैं, इन्हीं कर्मचारियों द्वारा करीब चार हजार ऐसे प्रकाशकों को अपने क्षेत्र की नामचीन ऐडसन्स कम्पनी से भी जोड़ा गया है। इन सभी प्रकाशकों की देखरेख का जिम्मा इन्हीं 46 कर्मचारियों पर था। इस सम्बन्ध में डीनेव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों से वार्ता हेतु सम्पर्क करने की कोशिश की गयी परन्तु किसी भी तरह की जानकारी नहीं मिल सकी।


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