हर जरूरतमंद के खाते में 10 हज़ार ₹, डालें जाएं : प्रियंका गांधी वाड्रा


- हमारे प्रदेश अध्यक्ष लल्लू गिरफ्तार हुए हैं लेकिन हिम्मत नहीं हारे : प्रियंका


- मानवता के आधार पर आग्रह, यह वक्त राजनीति करने का नहीं है : प्रियंका


- उत्तर प्रदेश से 52 हज़ार कार्यकर्ता एक साथ लाइव हुए


लखनऊ। प्रदेश कांग्रेस की ओर से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर तीन प्रमुख मांगों को लेकर पूरे देश में पार्टी कार्यकर्ता 11 बजे से 2 बजे के बीच में फेसबुक लाइव हुए। उत्तर प्रदेश से 52 हज़ार कार्यकर्ता स्पीक अप इंडिया कार्यक्रम में लाइव हुए।


फेसबुक लाइव हुए कांग्रेस जनों ने कहा कि सरकार सबसे गरीब लोगों को मदद के लिए न्याय योजना की तरह 10,000 ₹ का अग्रिम भुगतान तुरंत करे और अगले 6 महीनों तक 7500 रू देना सुनिश्चित करे।


श्रमिकों की समस्याओं को देखते हुए फेसबुक लाइव हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोर था कि मजदूर भाई-बहनों को सुरक्षित उनके घरों तक सरकार पहुंचाने की गारंटी करे।


कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपने फेसबुक लाइव में कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की गिरफ्तारी गैरकानूनी और भाजपा के गरीब-मजदूर विरोधी नीतियों का परिणाम है। कांग्रेस जनों ने 60 से अधिक कांग्रेस नेताओं के ऊपर लादे गए मुकदमे और प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी के खिलाफ काली पट्टी बांध कर अपना रोष जताया।


- एक बजे महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने फेसबुक लाइव आकर अपनी बातें रखीं


महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आज देशभर में कांग्रेस के कार्यकर्ता, कांग्रेस के नेता उन लोगों के पक्ष में अपनी आवाज उठा रहे हैं जो लोग लॉक डाउन और कोरोना महामारी के प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हम यह काम इसलिए कर रहे हैं ताकि सरकार उनकी बात सुने। 10 हज़ार रुपये हर जरूरतमंद के अकाउंट में डाला जाए यह मांग है। हमारी दूसरी मांग है कि अगले 6 महीने तक  प्रतिमाह 7500 रुपये जरूरतमंद लोगों के खाते में डाला जाए।


उन्होंने कहा कि इसके साथ साथ जो प्रवासी मजदूर अपने गांव पहुंच चुके हैं उनके लिए मनरेगा के कार्य दिवस 100 से 200 दिन तक बढ़ाया जाए। जो लोग लॉक डाउन से जूझ रहे हैं, जिनके पास कोई बिजनेस नहीं है, जो छोटे उद्योग वाले हैं, छोटे दुकानदार हैं, बुनकर हैं। उनकी मदद के लिए सरकार कुछ करें उनको एक आर्थिक पैकेज दे। उनके ऊपर कर्ज ना हो उनके हाथ में पैसा आए ताकि इस मुश्किल वक्त में उनका गुजारा चल सके।


महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने फेसबुक लाइव पर कहा कि देखिए, मैं आपसे एक खास आग्रह करना चाहती हूं। सभी राजनैतिक पार्टियों से खास करके भाजपा से कि यह वक्त राजनीति का नहीं है। यह वक्त पूरे देश को इकट्ठा होने का है। सभी पार्टी के राजनेताओं को वैचारिक मतभेदों को भुलाकर हम सबको सबकी मदद करना है। जब यूपी में आपने हमारी 1000 बसों को नकार दिया।  हमने आपसे कहा था कि आप अपने बैनर पोस्टर लगा लीजिए।हमें उससे कोई परहेज नहीं है। आप ने ऐलान किया था कि 12 हज़ार बसें यूपी परिवहन की आप चलाएंगे लेकिन आज तक वह कागज पर चल रही हैं। उन्हें सड़कों पर नहीं उतारा गया।


यूपी प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार को देखिए, वहां महामारी का भयानक रूप है। वहां की सरकार लड़ रही है, सहयोग देने की बजाय आप वहां की सरकार को गिराना चाह रहे हैं। उसे अस्थिर करना चाहते हैं।  मैं खासतौर पर आपको कहना चाहती हूं कि यह सहयोग करने का समय है। हम सबके ऊपर इस देश की जनता का कर्ज है। आप ऋणी हैं, हम ऋणी हैं। हर सुख दुख में जनता ने साथ दिया है। आपकी विजय में जय-जयकार किया। हमारी पराजय में हमारे साथ खड़े रहे।


उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज इस देश की जनता दुखी है, परेशान है, तड़प रही है। एक बेटा बैल बनकर अपने परिवार को बैठाकर बैलगाड़ी खींच रहा है। एक बेटी अपने पिता को साइकिल पर बैठा कर 600 किलोमीटर साइकिल चलाकर गांव ले जा रही है। श्रमिक ट्रेनों में लाशें पड़ी हैं। एक बच्चे का दम अपने पिता की गोद में टूट रहा है। एक मां की लाश प्लेटफार्म पर पड़ी है उसका बच्चा उसे जगाने की कोशिश कर रहा है। इस देश की एक-एक मां इस दृश्य को देख कर रो रही है। हमारी भारत माता रो रही हैं। आप मौन हैं, आप कुछ बोल नहीं रहे है।


हम जो उठा रहे हैं वह कोई राजनीतिक मांग नहीं है। यह मानवीयता के आधार पर मांग है। आप से आग्रह कर रहे हैं कि राजनीति छोड़िए। जिस जनता ने हम सब को बनाया है, उसका साथ दिया जाए।अब समय है कि हम सब लोग और आप भी जनता का साथ दें।


इस संकट के समय में एक-एक भारतवासी साथ खड़ा होना है जो सबसे ज्यादा जरूरतमंद है, जो सबसे ज्यादा तड़प रहे हैं, जो सबसे ज्यादा दु:खी हैं। 


महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बहुत सारे कार्यकर्ता भी मुझे फेसबुक पर देख रहे होंगे। मैं आपको दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं। हमारे अध्यक्ष गिरफ्तार हुए हैं लेकिन हिम्मत नहीं हारे। मुझे पता है कि वह वहां भी लड़ रहे होंगे आप सब उनके साथ खड़े हुए हैं आपने बार-बार आवाज उठाई है। हम लड़ रहे हैं, लड़ते रहेंगे। यह हमारा कर्तव्य है कि हम सबके लिए आवाज़ उठाएं और न्याय मांगे। मैं आप सभी को धन्यवाद देना चाहती हूं पिछले डेढ़ महीनों में आपने अपने साधनों से आज तक 90 लाख लोगों तक मदद की और कर रहे हैं


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