ऐसा माहौल बनाएं कि निवेशक खुद बोलें, निवेश के लिए उत्तर प्रदेश ही सबसे बेहतरीन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

 



 


- उप्र में संभावनाएं भी हैं और हर तरह के संसाधन भी, साथ ही सुरक्षा की गारंटी और बाजार भी : योगी


- जेवर के पास आईटी हब बनाने की कार्ययोजना तैयार करें


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेशकों को उप्र की संभावनाओं और संसाधनों के बारे में बताएं। आपके बताने का तरीका इतना प्रभावी होना चाहिए कि वह खुद इस बात को बोलने लगें कि देश में निवेश के लिहाज से सबसे बेहतरीन जगह उप्र है।


मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर इन्वेस्ट इंडिया एक्सक्लूसिव इन्वेस्टमेंट फोरम का प्रस्तुतीकरण देख रहे थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की हमारी निवेश पॉलिसीज सबसे बेहतरीन हैं। कोरोना के अभूतपूर्व संकट के बाद उत्पन्न हालात के अनुसार हम इसमें जरूरी बदलाव भी कर रहे हैं। हम 24 घंटे बिजली दे रहे हैं। पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जहां निवेशक चाहें जमीन उपलब्ध हैं। सुरक्षा की गारंटी मेरी है। आने वाले दिनों में देश के सर्वाधिक एक्सप्रेस वे हमारे पास होंगे। बेहतरीन एअर कनेक्टिविटी के साथ सुखद और सुरक्षित यात्रा के लिए मेट्रो में हमारे पास है। आने वाले दिनों में और भी प्रमुख शहरों में भी मेट्रो होगी। जेवर एयरपोर्ट से देश और दुनिया उप्र से जुड़ जाएगी।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाधिक आबादी के नाते हम मानव संसाधन के रूप से सर्वाधिक संपन्न हैं। रही उत्पादों के बाजार की बात तो उप्र से बड़ा कोई बाजार नहीं है। यहां की 23 करोड़ से अधिक आबादी के अलावा आधा बिहार और नेपाल अपनी आर्थिक, शैक्षिक और चिकित्सकीय जरूरतों के लिए उप्र पर निर्भर करता है। बिहार के लोग अपनी इन जरूरतों के लिए गोरखपुर और वाराणसी आते हैं। छत्तीसगढ़ और झारखंड के बहुत से लोग इलाहाबाद और मध्यप्रदेश के लोग आगरा आते हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा यहां के विश्व स्तरीय आइआईटी, पॉलीटेक्निक, आईटीआई से हर साल लाखों की संख्या में दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होते हैं। ये सारी चीजें निवेशकों को बतानी होंगी। निवेशकों की जरूरत के हिसाब से पॉलिसी बनाएं। जेवर के पास आईटी का एक और हब तैयार करने की कार्ययोजना तैयार करें। जो भी पॉलिसी बनाएं उसके केंद्र में नोएडा जैसे कुछ चुनिंदा जगहों को नहीं पूरे प्रदेश को केंद्र में रखें ताकि पूरे प्रदेश का समग्र विकास हो।


मुख्यमंत्री ने कॉमन फैसिलिटी केंद्रों को मिनी ग्रामीण सचिवालय के रूप में बनाने का भी निर्देश दिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


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