कोरोना : सामुदायिक संक्रमण की अब तक संभावना नहीं

- प्रदेश में दिखा लॉकडाउन का सकारात्मक प्रभाव, संक्रमण फैलने की दर में आई कमी


- कोरोना से लड़ने के लिए 137 अस्पताल तैयार


- तब्लीगी जमात में गए 569 लोगों की हुई पहचान


- 218 विदेशी नागरिकों को चिन्हित कर किया गया होम क्वारंटीन


- बिना किसी कटौती के दिया गया राज्य कर्मियों को वेतन


लखनऊ। कोरोना वायरस के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) पीवी रामाशास्त्री और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को संयुक्त रूप से यहां लोकभवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लॉकडाउन के संक्रमण के फैलने की दर में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में वापस आने वाले मजदूरों की सूची तैयार कर उनकी निगरानी करने का आदेश दिया है। ऐसे लोगों के राशन, दवा आदि की व्यवस्था करने का आदेश दिया गया है। लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली की घटना को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि, आयोजन के बाद यूपी लौटे सभी लोगों की तुरंत पहचान कर उनकी जांच की जाए। साथ ही जिन लोगों ने अपनी पहचान जाहिर नहीं की उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस आदेश की पालन में अब तक 569 लोगों को चिन्हित कर उन्हें क्वारंटीन करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि भदोही, बिजनौर, प्रयागराज, बहराइच और लखनऊ में तब्लीगी जमात में गए कुछ लोगों ने अपनी पहचान छिपा रखी थी। ऐसे लोगों को भी चिन्हित कर क्वारंटीन किया गया है साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि प्रदेश पुलिस द्वारा अब तक 218 विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें भी क्वारंटीन करा दिया गया है। इसके अलावा उनके वीजा के संबंध में जांच की जा रही है। वीजा नियमों के उल्लंघन में लिप्त विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश भी मुख्यमंत्री ने दिया है।  


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि जहां दूसरे प्रदेशों में वेतन में कटौती की जा रही है, वहीं यूपी सरकार ने मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि यूपी में सभी सरकारी कर्मचारियों को मार्च का वेतन बिना कटौती के जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत है। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कई जिलों में मुनाफाखोरी की सूचनाएं मिल रही हैं। जिसके कारण आमजन को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलाधिकारियों को मुनाफाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रक व अन्य वाहनों में माल और सामानों की जगह लोगों को भरकर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने काम किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने ऐसे कामों में लिप्त वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने व वाहनों को सीज करने का निर्देश दिया है। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं प्रदेश में लॉकडाउन की स्थिति व तैयारी की समीक्षा प्रतिदिन कर रहे हैं। जिसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिदिन 2 जिलों के डीएम, एसपी, सीएमओ सहित अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर स्थिति की जानकारी ली जा रही है।


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाएगी। जिसके संबंध में सभी डीएम व मंडी सचिवों को खरीद एजेंसियों को पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश देने को कहा है। यह भी कहा गया है कि गेहूं खरीद के दौरान मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सेनेटाइजेशन और फॉगिंग के कार्य में फॉयर ब्रिगेड के वाहनों का प्रयोग किया जाए। जिसके लिए तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी कर तैयारी शुरू कर दी गई है। 


*प्रदेश में अब तक 113 केस, 17 पूरी तरह से हो चुके हैं ठीक: प्रमुख सचिव स्वास्थ्य*


प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में अबतक 113 केस सामने आए हैं। प्रदेश के 16 जिलों में कोरोना संक्रमण के मरीजों की पहचान हुई है। जबकि प्रदेश के 59 जिले अबतक कोरोना संक्रमण से मुक्त है। उन्होंने बताया कि अबतक 17 लोग इलाज से ठीक हुए हैं जबकि 2 लोगों की मौत हुई है। मरने वाले बस्ती व मेरठ के थे।
 
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में 46, मेरठ में 19, गाजियाबाद में 9 और बरेली में 6 केस मुख्य रूप सें हैं। उन्होंने बताया कि इन सब के बीच एक अच्छी बात यह है कि प्रदेश में संक्रमण के औसत दर में कमी हुई है। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को 49 केस सामने आए थे, जबकि 29 मार्च को कुल 68 केस हो गए। इसके बाद 30 मार्च को कुल केसों की संख्या 87 हुई और 31 मार्च को कुल केसों की संख्या 101 तक पहुंच गई। वहीं 1 अप्रैल तक कुल 113 केस सामने आए हैं। इससे स्पष्ट है कि 28 और 29 मार्च को 19—19 केस, 30 मार्च को 14 और 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच में 12 नए केस हुए हैं। 


प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा प्रदेश में 137 अस्पतालों को तैयार कर लिया गया है। कोरोना से लड़ने के लिए प्रदेश में त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। पहले लेयर में सीएचसी व जिला स्तर के 80, दूसरे लेयर में मंडलीय स्तर के सरकारी व प्राइवेट 45 मेडिकल कॉलेज और तीसरे लेयर में 6 अस्पतालों को तैयार कर लिया गया है। ये अस्पताल प्रयागराज, मेरठ, एसजीपीजीआई, बीआरडी, सैफई और झांसी के मेडिकल कॉलेज हैं। प्रत्येक अस्पताल 200 बेड और 40 वेंटिलेटर से लैस हैं।