हर जिले में गठित होगी डेडिकेटेड टीम, चिकित्साकर्मियों को संक्रमण मुक्त रखने में करेगी मदद

- हर जिले में गठित होगी डेडिकेटेड टीम, चिकित्साकर्मियों को संक्रमण मुक्त रखने में करेगी मदद


- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश


- सीएम योगी के निर्देश पर मेडिकल इंफेक्शन रोकेने के लिए बनी विशेष टीम


- प्रदेश में पूल टेस्टिंग और प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ाने पर बल


- प्रदेश में अब तक 1843 केस, कोरोना से 29 लोगों की मौत


- प्रदेश के 58 जनपद कोरोना से प्रभावित


- कोरोना वायरस के संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने लोकभवन में की प्रेस कॉन्फ्रेंस


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के हर जिले में डेडिकेटेड टीम का गठन कर चिकित्सा कर्मियों के बीच संक्रमण रोकने का प्रयास शुरू किया गया है। इस टीम में एक पर्यावरण इंजीनियर को भी शामिल किया गया है, जो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का काम करेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में पूल टेस्टिंग और प्लाज्मा थेरेपी को और अधिक बढ़ाया जाए।


उक्त जानकारी रविवार को यहां लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी। अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह टीम-11 के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में लॉकडाउन के स्थिति की समीक्षा की। 


समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ सहित सभी चिकित्साकर्मियों को प्रत्येक दशा में कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित रखना जरूरी है। मेडिकल इंफेक्शन को रोकने के लिए राज्य मुख्यालय और सभी प्रभावित जिलों में सीएम योगी के निर्देश डेडिकेटेड टीम का गठन कर दिया गया है। यह टीम सरकारी और निजी अस्पतालों में संक्रमण रोकने का कार्य करेगी। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री येागी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि अब कोरोना प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। अस्पतालों में पीपीई किट, एन-95 मास्क सहित सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोविड अस्पतालों में अनिवार्य रूप से सिर्फ कोविड संक्रमण का ही इलाज हो, अन्य चिकित्सा गतिविधियां इन अस्पतालों में न किया जाए। अस्पतालों में मौजूद कोरोना से संबंधित तथा अन्य बायोमेडिकल वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि पूल टेस्टिंग को और अधिक बढ़ाकर अधिक से अधिक लोगों की जांच की जाए। जिससे कोरोना वायरस पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही सीएम योगी ने लेन-देन में नकद की बजाए रूपे कार्ड तथा अन्य माध्यम को बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया है। सीएम योगी ने वालंटियर्स की टीम गठित कर लोगों को कोरोना के विषय में जागरूक करने का भी निर्देश दिया है। इन टीमों का गठन इलाके व मोहल्लों के स्तर पर हो।   


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हरियाणा से यूपी के लोगों को लाने का कार्य शुरू हो गया है। शनिवार को 2200 और अबतक 9800 लोगों को वापस लाया जा सका है। कुछ लोग रास्ते में भी हैं। सीएम योगी के निर्देश पर ही 18 जिलों में विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट भेजने का निर्देश पहले ही जारी किया गया था। अब इन रिपोर्ट के आधार पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और डीजीपी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है। 


- प्रदेश में अब तक 1843 केस, 289 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हुए : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य


प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में अबतक 1843 केस सामने आए हैं। जिनमें 1525 एक्टिव केस हैं। उपचार के बाद 1843 में से 289 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है। हालांकि कोरोना के कारण प्रदेश में 29 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश के 58 जनपद कोरोना से प्रभावित हुए हैं, वर्तमान में केवल 48 जिलों में ही कोविड के केस एक्टिव हैं। 17 जिलों में अभी भी कोरोना का कोई केस नहीं मिला। जबकि 10 जिले कोरोना से मुक्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को 3415 सैंपल भेजे थे। जिसके बाद पिछले दिनों के साथ ही कुल 3876 सैंपलों का टेस्ट हुआ है। 318 पूल सैंपलों के माध्यम से 1590 सैंपलों की टेस्टिंग प्रदेश के 9 प्रयोगशालाओं में हुई है। उन्होंने बताया कि अभी तक 56 हजार से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग की गई है।
 
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि कुल संक्रमित लोगों में 79.15 प्रतिशत पुरूष और 20.85 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग में 7.62 प्रतिशत लोग संक्रमित हुए हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल क्वारंटीन में 11715 और आइसोलेशन में 1601 लोगों को रखा गया है।


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