ई-पाठशाला में प्रदेश के लगभग 60% शिक्षकों ने सहभागिता की : मंत्री डा. सतीश
ई-पाठशाला में प्रदेश के लगभग 60% शिक्षकों ने सहभागिता की : मंत्री डा. सतीश

- बच्चों की आनलाईन प्रतियोगितायें भी करायी जा रही हैं

- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सिद्वार्थनगर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हे तत्काल हटाये जाने के दिये निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) डा0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने सभी जनपदों में ई-पाठशाला के अन्तर्गत आकाशवाणी, दूरदर्शन, रेडियो, दीक्षा एप व व्हाट्सअप समूह के माध्यम से पढाई तथा गुगल एप आदि माध्यमों से शिक्षकों द्वारा चलाये जा रहे आनलाईन क्लासेज की समीक्षा की।

 

डा0 द्विवेदी आज योजना भवन में प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं एडी बेसिक के साथ विडियों कान्फे्रसिंग के दौरान सभी जनपदों में संचालित की जा रही ई-पाठशाला की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि प्रदेश के लगभग 60 प्रतिशत शिक्षकों ने ई-पाठशाला में सहभागिता की है और शेष शिक्षक भी इस व्यवस्था से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ विद्यालयों ने आनलाईन प्रवेश भी प्रारम्भ किया है। शिक्षकों ने अपने स्कूलों की वेवसाईट बनाई और अपने-अपने एप भी विकसित किये और यू ट्यूब चैनल का भी प्रयोग कर रहे हैं। अभिभावको से भी आनलाइन सम्पर्क करके उनको ई-पाठशाला की गतिविधियों से परिचित करा रहे है और बच्चों को आनलाईन प्रतियोगितायें भी करायी जा रही हैं तथा कवितायें व कहानी लिखने के लिए पे्ररित किया जा रहा है।

 

आनलाइन होम वर्क दिया जा रहा है और मूल्याकंन भी किया जा रहा है। इस प्रकार लाकडाउन के दौरान स्कूलों के बन्द होने से बाधित हुए शिक्षण कार्य की क्षतिपूर्ति तो हो ही रही है। साथ ही साथ बच्चों को तनाव के वातावरण से बाहर निकालते हुए उनको शैक्षणिक गतिविधियों की ओर उन्मुख करने में सफलता मिली है, जिसकी सराहना पूरे प्रदेश का आम जनमानस भी कर रहा है।

 

डा0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने शिक्षको, शिक्षामित्रों, अनुदेशको व कस्तूरबा गांधी विद्यालय के शिक्षको के वेतन, मानदेय और एरियर के भुगतान समय से करने तथा सेवा निवृत शिक्षको के जी0पी0एफ0 व पेंशन से सम्बधित देयको का त्वरित निस्तारण कराये जाने के निर्देश दिये हं। समीक्षा के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सिद्वार्थनगर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हे शीघ्र हटाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यो में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।

 

उन्होंने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को लाॅकडाउन के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखते हुए संचालित जन कल्याणकारी कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने लाॅकडाउन के दौरान मिशन प्रेरणा के अन्तर्गत ई-पाठशाला की गतिविधियों और आपरेशन कायाकल्प योजना की प्रगति की समीक्षा की।

 

डा0 द्विवेदी ने आपरेशन कायाकल्प योजना की समीक्षा करते हुए पाया कि जनपद हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, बिजनौर, वाराणसी आदि जिलों की प्रसंशा करते हुए प्रदेश के अन्य जनपदों को यथाशीघ्र सभी 18 मानको को संतृप्त करने के निर्देश दिये हैं और जिन जिलों में आपरेशन कायाकल्प योजना की प्रगति सन्तोषजनक नही है उन जनपदों को चेतावनी दी है।