. . . धर्मगुरुओं ने योगी को साथ देने का वादा किया

- कोरोना से जंग में मुख्यमंत्री योगी को मिला धर्मगुरूओं का साथ


- वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री योगी ने सभी धर्मगुरूओं से की बातचीत


- योगी ने धर्मगुरूओं से मांगा सहयोग और सुझाव


- धर्मगुरूओं ने सराहा योगी की पहल को, किया साथ देने का वादा


- सरकार हर जनपद में लैब खोलने की कर रही है तैयारी


लखनऊ। कोरोना से बचाव व रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के धर्मगुरूओं के साथ सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों एवं तैयारियों की जानकारी साझा की। इसके अलावा योगी ने धर्मगुरूओं से बातचीत कर कोरोना से लड़ने में उनके सुझाव भी मांगे। कई महत्वपूर्ण सुझावों पर गंभीरता से अमल करने का आश्वासन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया। 


वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ ने धर्मगुरूओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक संक्रमित बीमारी है। जो पथ, मत, संप्रदाय, धर्म और मजहब नहीं देखती है। इसके लिए जरूरी है कि हम सभी बिना किसी भेदभाव के एक साथ इसका मुकाबला करें। योगी ने कहा कि अमेरिका, इटली, स्पेन, ईरान जैसे देशों में इस वायरस ने मौत का तांडव मचाया हुआ है। भारत में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी द्वारा लिए गए निर्णय व उपायों से देश में इस पर अब तक कंट्रोल बनाया जा सका है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के कारण ही देश में कोरोना सेकंड स्टेज पर थम गया है। इतना ही नहीं दुनिया की बड़ी ताकतें अब भारत की ओर सहयोग की दृष्टि से देख रही हैं। 


योगी ने कहा कि प्रदेश स्तर भी कई प्रयास किए गए हैं जिसके सार्थक परिणाम आ रहे थे। हालांकि तबलीगी जमात के कारण अचानक कुछ परिस्थितियां बदली हैं। इसके बाद भी हमारा कंट्रोल बना हुआ है। योगी ने कहा कि धर्मगुरूओं का अपने समाज पर गहरा असर होता है इस कारण सभी को आमंत्रित कर उनका सहयोग मांगा गया है। योगी ने कहा कि सभी अपने सुझाव मौखिक व लिखित रूप में दे सकते हैं। 


योगी ने बातचीत की शुरूआत वाराणसी से की। वहां से संकट मोचन के मंहत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने अपना सुझाव देते हुए कहा कि सभी धर्मगुरू अपने अपने स्तर पर लॉकडाउन के प्रति लोगों को जागरूक करें। मौजूदा वक्त में हमें पुलिस का सहयोग करते हुए इस काम को खुद करना चाहिए। सीएम योगी ने वाराणसी के सतुआ बाबा का भी हाल चाल लिया।


सहारनपुर से मौलाना मसूद मदनी ने अपना सुझाव देते हुए कहा कि जिन लोगों को क्वारंटीन किया जाए, उन्हें यह न लगे कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है। संदिग्ध या संक्रमित लोगों को क्वारंटीन करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं आदि को विश्वास में लेने पर यह काम और आसान होगा। यह भी सुझाव दिया कि अलगाववाद पैदा करने वाली खबरों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। इन सुझावों पर योगी ने आश्वासन दिया कि पुलिस द्वारा कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी।


लखनऊ से मौलाना यासूब अब्बास और खालिद रशीद महली ने अपने सुझाव दिए। रशीद महली ने सबसे अहम सुझाव देते हुए कहा कि उनका व संप्रदाय के अन्य धर्मगुरूओं की कोरोना रोकथाम व बचाव संबंधी एक आडिओ क्लिप बनाकर उसे मस्जिदों व बाहुल्य ईलाकों में सुनाया जाए। मस्जिदों से हर 4—5 घंटे पर यह आडिओ क्लिप चलाया जाए। इसके अलावा प्रदेश के हर वार्ड में वार्ड वाइज कोरोना वारियर्स कमेटी का गठन किया जाए।


शिया समुदाय के धार्मिक नेता कल्बे जव्वाद ने भी अपने अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कुरान में इंसानियत की हिफाजत की बात को प्रमुख रूप से बताया गया है। उन्होंने कहा कि नमाज के लिए जरूरी जिंदा रहना और जिंदा रहने के लिए डॉक्टरों व हुकूमत के सुझाव को मानने में ही सबकी भलाई है।


इसी प्रकार गोरखपुर से सरदार यशपाल सिंह व गोरखपुर में काली बाड़ी के महंत रविंद्र दास से भी योगी ने चर्चा कर हालात की समीक्षा की। इसके बाद आगरा के फॉदर नून ने बातचीत के दौरान बताया की ईसाई धर्म में यह एक मुख्य सप्ताह होता है। जिसमें गुड फ्राइडे भी शामिल है। लेकिन प्रशासन व शासन की पहल पर कोरोना की रोकथाम के लिए ईसाई धर्म किसी भी प्रकार का आयेाजन नहीं करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल करेगा।


प्रयागराज में संगमतट स्थित हनुमान मंदिर के मंहत नरेंद्र गिरी ने हालात की जानकारी दी। इसके मौके पर निर्मोही अंखाड़े से महंत और सिख धर्म गुरू जोगिंदर सिंह ने भी अपीन बात रखी। इसके बाद अयोध्या से धर्मगुरूओं ने बातचीत के दौरान सुझाव दिया कि अयोध्या में देश विदेश से लोगों का आवागमन होता है। इसके लिए जरूर है कि यहां एक टेस्टिंग लैब की मांग की गई। जिस पर योगी ने इसका आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार हर जनपद में लैब खोलने की तैयारी कर रही है।


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