उप्र सील : मुख्यमंत्री योगी ने जौनपुर को लॉकडाउन किया

- असहयोग करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, अधिकारी सप्लाई चेन को करें व्यवस्थित : मुख्यमंत्री योगी


- जल्द से जल्द भेजी जाए दिहाड़ी मजदूरों के अकाउंट में एक हजार रुपये की सहायता राशि


- ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्लीनिंग और सेनिटाइजेशन की हो व्यवस्था


- आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में एक इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित किया जाए


- लॉकडाउन वाले जनपदों की सप्लाई चेन को व्यवस्थित किया जाए


लखनऊ। कोरोना वायरस के प्रभाव को रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जौनपुर को लॉकडाउन करने का आदेश दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में क्लीनिंग और सेनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाए। कहीं भी लोगों का जमावड़ा न लगे इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द से जल्द दिहाड़ी मजदूरों के अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से एक साथ एक हजार रुपये की सहायता राशि भेजें। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि ठेला-खुमचा, रेहड़ी वालों के साथ ही रिक्शा और ई-रिक्शा वालों को भी इससे जोड़ते हुए जाए और उनके अकाउंट में भी सहायता राशि भेज दें। यही नहीं अतिरिक्त खाद्यान्न की व्यवस्था कर इन सभी को राशन भी वितरित करें।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश सोमवार को 5 कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर लॉकडाउन जनपदों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजन, विधवा और निराश्रित महिलाओं को पेंशन इसी माह में भेज दें। इन सभी को भेजी जाने वाली अगली किश्त 8-9 अप्रैल तक चली जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बनाए गए कमांड सेटंर को इंटीग्रेटेड करते हुए उसे सीएम हेल्पलाइन, 108, और 112 से जोड़ने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए एक इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित करें। जिससे किसी भी आपदा के आने पर समय पर रिस्पांस किया जा सके। 


मुख्यमंत्री ने कहा जिन शहरों को लॉक डाउन किया गया है वहां सप्लाई चेन को व्यवस्थित करें। लोगों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए मंडी परिषद फलों और सब्जी बेचने वालों को चिन्हित कर मोहल्लों और कॉलोनियों में भेजें। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि लोगों की भीड़ न लगे, ज्यादा दाम पर बिक्री न की जाए और लोग जमाखोरी न करने पाएं। इसी तरह से दूध की भी आपूर्ति की जाए। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के किसी भी जनपद में बिजली और पानी की व्यवस्था में भी कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश से लगने वाली सभी सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दें। कोई भी नया व्यक्ति प्रदेश में प्रवेश न करने पाए। उन्होंने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण जो लोग अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए हैं और सड़कों पर हैं, जिला प्राशासन परिवहन विभाग की बसों के माध्यम से उन्हें उनके घर भेजने की व्यवस्था करे। इसके साथ ही लोकल स्तर पर फंसे लोगों को पीआरवी 112 से भेजा जाए। सीएम ने कहा कि गुड्स की सप्लाई करने वाले वाहनों को रोका न जाए। प्रदेश में आवश्यक खाद्य सामग्री की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैरा मेडिकल स्टाफ की छात्र और छात्राओं को वापस बुलाकर उन्हें ट्रेनिंग दी जाए। इसके साथ ही जो लोग क्वारनटाइन और कोरोना पॉजिटिव हैं, लेकिन उनका रवैया असहयोगात्मक है, ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। 


बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन, प्रमुख सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।