जनता की संतुष्टि ही कार्य का पैमाना है : महापौर
 

स्वच्छ्ता सेवाओं के लिए सहभागी नियोजन और मॉनिटरिंग की आवश्यकता विषय पर परिचर्चा


लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में रेजिनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एन्विरोमेंटल स्टडीज(RCUES) एवं पार्टिसिपेटरी रिसर्च इन एशिया(PRIYA) संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में स्थानीय शहरी निकायों के क्षमतावर्धन :समावेशी  स्वच्छ्ता सेवाओं के लिए सहभागी नियोजन और मॉनिटरिंग की आवश्यकता विषय पर परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने अपने विचार साझा किए।

 

इस परिचर्चा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि शहरी निकायों का मुख्य कार्य जनसेवायों के क्रियान्वयन से जुड़ा हुआ है। इसमे प्रमुख रूप से हम स्वच्छ्ता सेवाओं जैसे सड़कों एवं गलियों की सफाई, कूड़े का संग्रहण एवं निस्तारण , नालियों की सफाई, सीवर व्यवस्था को सर्वोपरि रख कार्य करते हैं, क्योंकि इन सेवाओं का सीधा संबंध जनता के स्वास्थ्य से है। उन्होंने आगे कहा कि अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति एवं स्वच्छ्ता सेवाओं के स्तर को उस क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोग ही अधिक एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करा सकते है, साथ ही इन सेवाओं का स्तर मानकों के अनुरूप कैसे बनाया जाए इस संबंध में अपने अनुभव व विचार साझा कर सकते है जोकि बहुत उपयोगी साबित होंगे। 

 

अंत मे उन्होंने कहा कि हर कार्य के क्रियान्वयन का पैमाना हमेशा जनता की संतुष्टि ही होना चाहिए, क्रियान्वयन के तौर पर मात्र ओपचौरिक्ता नही अपितु कार्य की मनसा के अनुरूप गंभीरता बरती जानी चाहिए। इसलिए सभी को अपने स्वार्थ को छोड़कर सेवा के भाव से कार्य करना पड़ेगा एवं क्रियान्वन करने वाली टीम को भी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी जिससे हम अपने शहर को हर स्तर में आगे कर पाए।

 

इस अवसर पर महापौर संयुक्ता भाटिया संग डॉ कौस्तुव के. बंदोपाध्याय, निदेशक प्रिया(PRIA), विवेक गुप्ता,डॉ अलका सिंह, उपनिदेशक , RCUES, पारमिता दत्ता, सीनियर रिसर्च ऑफिसर, NIUA एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।