राज्य सरकार विकासकर्ताओं को पूरा सहयोग करेगी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की बिडिंग प्रक्रिया सफल होने पर इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि ग्रीनफील्ड अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास का कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा परियोजना के विकासकर्ताओं को हर सम्भव सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि किसी अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एयरपोर्ट द्वारा भारत में पहली बार बिडिंग के माध्यम से पीपीपी मोड पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर, जनपद गौतमबुद्ध नगर को विकसित करने के लिए ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा सबसे ऊंची बोली लगाई गयी।
प्रवक्ता ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की फाइनेन्शियल बिड्स आज खोली गईं। फाइनेन्शियल बिडिंग में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी-400.97 ₹, अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड-360 ₹, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड 351 ₹ तथा एंकरेज इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड 205 ₹ सम्मिलित हैं।  
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रेरणा एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से लगभग 20 वर्ष से लम्बित इस परियोजना को विगत 02 वर्षों में धरातल पर उतारे जाने की दिशा में सफलता प्राप्त हुई है। केन्द्र सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट के लिए त्वरित निर्णय लिए गए और साइट क्लीयरेन्स तथा इन-प्रिंसिपल अप्रूवल प्रदान किया गया। राज्य सरकार द्वारा त्वरित गति से कार्यवाही करते हुए भूमि का अधिग्रहण एवं एयरपोर्ट के विकासकर्ता के चयन हेतु ग्लोबल टेंडर/बिडिंग की कार्यवाही की गई।
इस परियोजना के द्वारा पीपीपी मोड पर एयरपोर्ट का विकास करने के लिए 30 मई 2019 को ग्लोबल टेंडर करते हुए बिडिंग प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। प्री बिड कॉन्फ्रेंस की तिथि 15 जुलाई 2019 थी।टेक्निकल बिड 06 नवंबर 2019 को खोली गई थी। इस परियोजना के लिए कुल 1334 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता थी। जिसमें 1239 हेक्टेयर भूमि निजी भू-स्वामियों की भूमि थी, जिसे भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के अंतर्गत अधिग्रहीत किया गया है। अब तक लगभग 83 प्रतिशत भूमि पर कब्जा प्राप्त किया जा चुका है तथा शेष भूमि भी शीघ्र प्राप्त कर ली जाएगी। 
प्रवक्ता ने बताया कि इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग 4080 करोड़ रुपए राज्य सरकार तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा संयुक्त रूप से व्यय की गई है। इस परियोजना के लिए अभी तक आवश्यक समस्त धनराशि सरकार द्वारा अवमक्त की जा चुकी है।  


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