बख्शी का तालाब के 220 प्राथमिक व 83 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के करीब 32 हजार विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिला स्वेटर

लखनऊ। राजधानी के बीकेटी इलाके के बच्चों को पिछले कई सालों से नवंबर से पहले या नवंबर तक स्वेटर बट जाया करते थे। पहले स्वेटर बांटने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रधानाध्यापक की होती थी लेकिन इस बार जिम्मेदारी शासन ने खुद ले रखी है। विद्यालय में स्वेटर अभी तक नहीं बंटे हैं। सभी विद्यालयों में बच्चे 
बिना स्वेटर आने को मजबूर हैं इस सर्दी में बच्चे बिना स्वेटर के ही विद्यालय पढऩे आ रहे हैं। क्या सरकार का फरमान ऐसे ही हवा-हवाई रहेगा सारी सर्दियां बिना स्वेटर के ही निकल जाएंगी वहीं प्राइवेट स्कूलों में बच्चे स्वेटर और कोट पहनकर विद्यालय आ रहे हैं। और सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते सरकारी विद्यालयों के बच्चे बिना स्वेटर के सर्दी में विद्यालय आने को मजबूर हैं। जिससे विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है सर्दी की वजह से अभिभावक बच्चों को विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। क्या सरकार के आदेशों की ऐसी ही अवहेलना होती रहेगी शासन इस जिम्मेदारी को अभी तक नहीं निभा पाया है।
बीते दिनों हुई बारिश से ठंड ने दस्तक दे दी है किंतु अभी तक प्राथमिक विद्यालयों के नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वेटर मुहैया नहीं हो सके हैं। मात्र बच्चे कमीज पहनकर स्कूल आते हैं और शिक्षा विभाग बेसिक के आला अफसर इस ओर आंखें मीचे हुए हैं। बख्शी का तालाब तहसील अंतर्गत शनिवार को कई विद्यालयों का जायजा लिया गया। अभिनेश कक्षा 5 ने हकीकत बयां करते हुए कहा कि नवंबर माह बीत चुका है पर अभी तक बच्चों को स्वेटर मुहैया नहीं हो सके हैं। इसी क्रम में मानसी कक्षा 5, कामना, लक्ष्मण कक्षा 4 मुस्कान, फैज, रहनुमा कक्षा 1 तथा अन्य बच्चों ने अपना दुख दर्द बयां करते हुए कहा कि अधिकारियों की उपेक्षा के चलते नौनिहालों को लेट लतीफ  स्वेटर प्राप्त होते हैं। जबकि सुबह अच्छा खासा जाड़ा होता है। यह इसके अलावा बख्शी का तालाब अंतर्गत 220 प्राथमिक तथा 83 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 32000 छात्र एवं छात्राएं स्वेटर पाने के लिए तरस रहे हैं। जब संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी बीकेटी सतीश कुमार त्रिपाठी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि स्वेटर आ गए है। अब जल्द ही वितरण कराया जायेगा।
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