400 मिलियन डॉलर से 500 किमी. सड़क चौड़ी होगी
- प्रदेश में 500 किमी लम्बाई के राज्य मार्गों के चैड़ीकरण एवं  सुदृढ़ीकरण हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये'

 

- 'ऋण अनुबन्ध के अन्तर्गत 400 मिलियन यूएस डालर विश्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा'

 

लखनऊ, 11 अक्टूबर। प्रदेश के प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण ने बताया कि आज वित्त मंत्रालय, नार्थ ब्लाक, नई दिल्ली में आयोजित बैठक में, आर्थिक विकास विभाग, वित्त मन्त्रालय, भारत सरकार, विश्व बैंक एवं उप्र सरकार के मध्य उप्र कोर रोड नेटवर्क विकास परियोजना हेतु 400 मिलियन यूएस डाॅलर ऋण अनुबन्ध पर हस्ताक्षर किये गये।

श्री गोकर्ण ने बताया कि भारत सरकार की तरफ से समीर खरे अतिरिक्त सचिव, आर्थिक कार्य विभाग वित्त मंत्रालय, विश्व बैंक की तरफ से जुनैद अहमद, कन्ट्री डायरेक्टर एवं उप्र सरकार की तरफ से गिरिजेश कुमार त्यागी, विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग द्वारा ऋण अनुबन्ध पर हस्ताक्षर किये गये। अनुबन्ध के अन्तर्गत कुल 400 मिलियन यूएस डाॅलर विश्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा एवं 170 मिलियन यूएस डाॅलर उप्र सरकार अपने संसाधनों से उपलब्ध करायेगी। ऋण से प्रदेश के 500 किमी लम्बाई के राज्यमार्गों का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कराया जायेगा। परियोजना की कुल अवधि 6 वर्ष है जो कि वर्ष 2025 तक समाप्त होगी।

उन्होंने बताया कि उप्र में गरौठा-चिरगांव मार्ग, हमीरपुर-राठ मार्ग, गोला-शाहजहांपुर मार्ग, बदायुं-बिल्सी मार्ग, राठ-गरौठा मार्ग, हामिदपुर-कुचेसर मार्ग, मुरादाबाद-हरिद्वार-देहरादुन मार्ग, गढ़-सयाना-मेरठ मार्ग, बहराइच से गोण्डा मार्ग व मेंहदावल से खलीलाबाद मार्गों पर कार्य किया जाना प्रस्तावित है।

'मार्ग सुरक्षा के लिए किये जायेंगे कार्य' :

श्री गोकर्ण ने बताया कि परियोजना के अन्तर्गत मार्गों के विकास के साथ-साथ बौद्ध-परिपथ पर स्थित मार्गों के विकास पर भी जोर दिया गया है। इस परियोजना के अन्तर्गत मार्ग सुरक्षा का एक समेकित घटक प्रस्तावित है, जिसमें लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग एवं गृह (पुलिस) विभाग द्वारा मार्ग सुरक्षा के अन्तर्गत विभिन्न कार्य कराये जायेंगे। मुख्य रूप से यातायात विभाग के अन्तर्गत हाई-वे पेट्रोल यूनिट की स्थापना की जानी है, जिसके तहत मार्ग दुर्घटनाओं के परिपेक्ष्य में हाई-वे पर पेट्रोलिंग की जानी है।

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