एससी के 45, एसटी के 5 व ओबीसी के 50 प्रतिशत अभ्यार्थियों को कोंचिग की व्यवस्था
- छात्रों को कोचिंग के दौरान सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायी जाये : मंत्री रमापति शास्त्री

 

लखनऊ, 3 सितम्बर। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा 2020 की तैयारी हेतु निःशुल्क कोंचिग सत्र के लिए चयनित छात्रों को कोचिंग के दौरान सभी आवश्यक सुविधायें समय से उपलब्ध करायी जाये इसमें किसी प्रकार की लापरवाही व शिथिलता नहींं बरती जाये। कोचिंग के दौरान छात्र लगन व मेहनत से तैयारी करे। लक्ष्य बनाकर तैयारी करे तो सफलता जरूर मिलेगी।

     श्री शास्त्री आज यहाॅं छत्रपति शाहू जी महाराज एवं प्रशिक्षण संस्थान भागीदारी भवन गोमतीनगर में सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा 2020 की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग सत्र का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित करने के उपरान्त यह विचार व्यक्त किये है। उन्होने छात्रों से कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति की लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए। उन्होने यह भी कहा कि विभिन्न जनपदों से छात्र यहाॅं कोचिंग के लिए प्रवेश लिए है और इस संस्थान में कोचिंग के दौरान अनुशासन में रहकर तैयारी करे। उन्होने कहा कि इस संस्थान से कुल 200 छात्र विभिन्न सरकारी विभागों एवं संस्थानों के विभिन्न पदों पर चयनित होकर सेवाये दे रहे है। उन्होने कहा कि आईएएस एव पीसीएस से सम्बधित आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के अत्यन्त उच्च कोटि के स्तर के विषय विशेषज्ञों द्वारा अभ्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

     समाज कल्याण राज्य मंत्री डा. गिर्राज सिंह धर्मेश ने कहा कि आईएएस एवं पीसीएस सिविल सेवा का एक ऐसा पद है, जिसको हर छात्र पाना चाहता है। उन्होने कहा कि मेहनत से पढाई करेगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। आईएएस एवं पीसीएस की परीक्षा पास करके देश व प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे सकते है।

     प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह ने बताया कि आईएएस एवं पीसीएस में चयनित होने के लिए कडी मेहनत करनी पडती है और सभी विषयों की जानकारी बेहतर ढंग से रखना पडता है। विशेष सचिव एवं निदेशक प्रशिक्षण संस्थान भागीदारी भवन धीरज कुमार ने बताया कि संस्थान में अनुसूचित जाति के 45 प्रतिशत, अनुसचित जनजाति के 5 प्रतिशत, एवं अन्य पिछडावर्ग के 50 प्रतिशत अभ्यार्थियों को परीक्षा पूर्व कोंचिग हेतु चयन कर प्रवेश दिये जाने की व्यवस्था है।

इस अवसर पर निदेशक समाज कल्याण बाल कृष्ण त्रिपाठी, अपर निदेशक डा. रजनीश चन्द, संयुक्त निदेशक आरके सिंह, पीके त्रिपाठी, सहित अन्य सम्बधित अधिकारी व छात्र आदि उपस्थित रहे।