समय पर भोजन नहीं पहुँचा तो लॉकडाउन के बाद भुगतने को तैयार रहें जिलाधिकारी : योगी

- हम नहीं सुनना चाहते कि अभी भोजन नहीं पहुँचा : मुख्यमंत्री योगी
- सुबह 10 से दोपहर 2 पहुँचे दोपहर का खाना
- शाम 6 बजे से 8 तक पहुँचे रात का खाना
- हेल्पलाइन नम्बरों की प्रतिदिन समीक्षा कर रहा हूँ
- सभी जिलाधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि कोई भी भूखा ना रहे और न ही भूखे सोये, बगैर भेदभाव के सभी तक राशन व भोजन पहुँचायें


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह ही सभी ज़िलाधिकारियों को सीधा निर्देश दिया है कि हम कभी नहीं सुनना चाहते कि अभी भोजन नहीं पहुँचा है, भोजन पहुँचने में विलंब हुआ तो ज़िलाधिकारियों की सीधे जवाबदेही तय करूँगा।


मुख्यमंत्री योगी ने जिलाधिकारियों को कड़ाई से निर्देशित किया कि सुबह 10 से दोपहर 2 पहुँचे दोपहर का खाना। साथ ही शाम 6 बजे से 8 तक पहुँचे रात का खाना।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हेल्पलाइन के नंबरों को रोज कर रहा हूं समीक्षा, जिस ज़िले से ज़्यादा लोगों के फ़ोन मदद के लिए आ रहे हैं, उन ज़िलाधिकारियों के बारे में लाक डाउन के बाद फ़ैसला लूंगा, वर्तमान में 23 करोड़ जनता का हित मेरी प्राथमिकता में है।


उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि कोई भी भूखा ना रहे और भूखे ही न सोये, बिना भेदभाव किये ही सब तक राशन और भोजन पहुँचना चाहिए।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। भारत भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस लड़ाई में 21 दिन के लॉकडाउन का सहभागी बन रहा है। हम गरीबों, वंचितों और निराश्रितों को अनाथ या असहाय नहीं छोड़ सकते हैं। सरकार संबल के रूप में उनके साथ खड़ी है। प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी ने गरीबों के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया है।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पेंशन पाने वाले कुल 86,71,781 लाभार्थियों के खाते में 871.4693 करोड़ ₹ की धनराशि भेज दी गई है। आम लोगों के लिए यह राशि बहुत छोटी हो सकती है, लेकिन एक गरीब के लिए यह क्या महत्व रखती यह उसके चेहरे की चमक को देखकर पता चलता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन पेंशन की राशि पहले 300 ₹ थी, जिसे हमारी सरकार ने 500 ₹ कर दिया है।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारी सरकार 27 लाख 15 हजार से अधिक निर्माण श्रमिकों के खाते में 1000 ₹ भेजने का कार्य कर चुकी है, जिसमें निरंतर वृद्धि हो रही है। मनरेगा श्रमिक, अंत्योदय कार्ड धारक एवं लाकडाउन के कारण रोजगार प्रभावित होने वाले अन्य लोगों को नि:शुल्क राशन पहुंचाने की कार्यवाही एक अप्रैल से चालू है। इसके अलावा 88 लाख मनरेगा श्रमिकों को 611 करोड़ ₹ की मजदूरी सफलता पूर्वक उनके खाते में भेजी जा चुकी है।


- इतने लाभार्थियों को मिली पेंशन


इस कार्यक्रम के तहत वृद्धावस्था पेंशन के 49,87054 लाभार्थियों को 496.71 करोड़ ₹, निराश्रित महिला पेंशन योजना में 26,06213 लाभार्थियों को 260.63 करोड़ ₹, दिव्यांग पेंशन योजना के 10,67,789 लाभार्थियों को 106.78 और कुष्ठावस्था पेंशन के तहत 10,728 लाभार्थियों को 5.36 करोड़ ₹ भेजे गए।


- बेसिक शिक्षा विभाग ने कोविड केयर कोष में 76,14,55,537 करोड़ ₹ का किया योगदान


वहीं बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चन्द्र द्विवेदी ने प्रदेश भर के बेसिक स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों की तरफ़ से कोविड केयर कोष में 76,14,55,537 करोड़ ₹ का चेक भेंट किया। 


इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 'क्वारंटाइन वॉर्ड', आइसोलेशन वॉर्ड, वेंटिलेटर्स, N-95 मास्क, पीपीई के निर्माण की कार्रवाई के लिए भी हम एक कार्ययोजना को आगे बढ़ा सकें, इस दृष्टि से कल ही हमने एक 'कोविड केयर कोष' का निर्णय किया। आज बेसिक शिक्षा विभाग ने 76,14,55,537 करोड़ ₹ की सहायता देकर अच्छी शुरुआत की है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हमारे पास सिर्फ केजीएमयू में एक टेस्टिंग लैब थी, अब नई कार्रवाई के फलस्वरूप आज हमारे पास 7 नई टेस्टिंग लैब प्रदेश में स्थापित हो चुकी हैं और हमारा प्रयास है कि आगामी कुछ महीनों में प्रदेश के सभी 24 सरकारी हॉस्पिटल में टेस्टिंग लैब स्थापित हो जाएंगी। मुख्यमंत्री इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहयोग देने वाले सभी लोगों आभार जताया।


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