श्री सिंह ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा के उपरान्त दायित्वों के प्रति उदासीन रहने एवं कार्यों में लापरवाही पाये जाने पर बलरामपुर जनपद के उपायुक्त सहित 02 को निलंबित करने तथा 04 जिलों के अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही 08 अधिकारियां को सख्त चेतावनी देने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य जिलों के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने कार्यों में तेजी लाये अन्यथा उनके विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की जायेगी।
प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग डा. नवनीत सहगल ने कहा कि ओडीओपी कार्यक्रम के तहत सीएफसी की स्थापना हेतु कन्स्लटेंट अपनी रिपोर्ट नवम्बर माह के अंत तक हर हाल में प्रस्तुत करें, जिलेवार एक्शन प्लान बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि 20 जिले पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किये गये हैं। जहां सीएफसी की स्थापना, राॅ मटेरियल, फाइनेंस, माकेर्टिंग आदि में दिक्कत हो रही है, वहां कैम्प लगाकर उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाये। डा. सहगल द्वारा मण्डल/जनपदों के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री के प्रेरणा से संचालित एक जनपद-एक उत्पाद कार्यक्रम के अन्तर्गत उद्यमियों को इकाई स्थापना से लेकर विक्रय/निर्यात तक सहयोग देने हेतु प्रारम्भ की गयी विविध योजनाओं, स्वरोजगार एवं उद्यम प्रोत्साहन हेतु संचालित योजनाओं की जनपदवार विस्तृत समीक्षा की गयी।
बैठक में राज्यमंत्री उदयभान सिंह, आयुक्त गौरव दयाल तथा विशेष सचिव सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी मौजूद थे।